देहरादून में जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएम के पूर्व उपाध्यक्ष Raghunath Singh Negi ने मुख्य सचिव Anand Bardhan से मुलाकात कर शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) का दायरा कक्षा 8 से बढ़ाकर इंटरमीडिएट तक करने की मांग उठाई। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi को संबोधित ज्ञापन मुख्य सचिव को सौंपा।
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि वर्तमान में आरटीई के तहत केवल आठवीं कक्षा तक निशुल्क शिक्षा का प्रावधान है, जोकि तर्कसंगत नहीं है। उनका कहना है कि सरकार को इस व्यवस्था को इंटरमीडिएट तक लागू करना चाहिए ताकि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित है, जो पर्याप्त नहीं है। उन्होंने इस कोटे को बढ़ाकर 35 से 40 प्रतिशत किए जाने की मांग की।
नेगी ने कहा कि गरीब छात्र आठवीं तक तो निजी विद्यालयों में पढ़ाई कर लेते हैं, लेकिन उसके बाद आर्थिक कारणों से उन्हें या तो पढ़ाई छोड़नी पड़ती है या सरकारी स्कूलों में दाखिला लेना पड़ता है। उन्होंने कहा कि निजी और सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में काफी अंतर होने के कारण बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि गरीब छात्रों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। उनका कहना था कि यदि सरकार इन बच्चों की शिक्षा पर निवेश करेगी तो देश की दशा और दिशा दोनों बदल सकती हैं।
Reported By: Arun sharma












Discussion about this post