
मुख्यमंत्री धामी की अध्यक्षता में बीते बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में धर्मांतरण कानून को और अधिक सख्त बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया है, इसके लिए उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम में संशोधन विधेयक को मंजूरी भी दे दी गई है, वही इस फैसले की प्रसंशा करते हुए प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बताया की देवभूमि के देवत्व को बचाना बहुत आवश्यक है, देवभूमि का तप ही है जहाँ की बात हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक जाती है..
मुख्यमंत्री धामी अपने कड़े निर्णयों के लिए जाने जाते है, झूठ, धोखा, लालच देकर धर्मांतरण के विषयों को देवभूमि में किसी भी प्रकार से बर्दाश्त नहीं किया जायेगा, जिस प्रकार से धामी कैबिनेट में धर्मांतरण के आरोपियों को लेकर सख्त प्रस्ताव पारित हुआ है यह पूरे देश के लिए एक मिसाल वाली बात है, और धर्मांतरण के मामले जिस तरह से देश में सामने आ रहे है, हर राज्य की सरकार को इस प्रकार का कदम उठाने की जरूरत है।
शादाब शम्स, अध्यक्ष वक्फ बोर्ड, उत्तराखण्ड।
Reported By: Arun Sharma













Discussion about this post