विश्व प्रसिद्ध दरगाह हजरत मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक, पिरान कलियर में एक नई समिति के गठन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला उस समय सामने आया जब “अंजुमन ए खुद्दाम ए आस्ताना साबिर पाक समिति” के नाम से एक विजिटिंग कार्ड सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना। कार्ड पर समिति का पंजीकरण संख्या के साथ पदाधिकारियों के नाम भी अंकित हैं।
विजिटिंग कार्ड के अनुसार समिति के अध्यक्ष खादिम सलीम अहमद साबरी, उपाध्यक्ष खादिम मुनीस (पप्पू) और सचिव खादिम गुलाम दस्तगीर बनाए गए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस समिति का गठन दरगाह प्रशासन से किसी भी प्रकार की अनुमति लिए बिना किया गया। मामले ने तब तूल पकड़ा जब एक व्यक्ति ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दरगाह प्रशासन से समिति की वैधता और अनुमति संबंधी जानकारी मांगी। आरटीआई के माध्यम से मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद दरगाह प्रशासन ने समिति से जुड़े कर्मचारियों को नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
मामले पर जॉइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ ने कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में आ गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दरगाह से जुड़े इस विवाद को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और उसके निष्कर्ष पर टिकी हुई हैं।
दीपक रामचन्द्र सेठ ( जॉइन्ट मजिस्ट्रेट रुड़की )
Reported By: Praveen Bhardwaj












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