
परमार्थ निकेतन में स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी और साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में श्रद्धेय गोवत्स श्री राधाकृष्ण जी महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत भाव कथा का आयोजन सम्पन्न हुआ। कथा आयोजक एलएन ग्रुप, कोटा (राजस्थान) से आए श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक आनंद और मानसिक शांति का अनुभव किया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी ने नवरात्रि के महत्व और कथा श्रवण के जीवन में प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कथा केवल शब्दों का संकलन नहीं, बल्कि जीवन को दिशा, दृष्टि और प्रकाश देने वाला साधन है। साध्वी भगवती सरस्वती जी ने गंगा तट पर कथा श्रवण के अद्वितीय अनुभव और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
श्रद्धेय गोवत्स श्री राधाकृष्ण जी महाराज ने कथा के माध्यम से भक्ति, करुणा और संतोष का संदेश दिया और बताया कि गंगा तट पर कथा श्रवण से मन, हृदय और मस्तिष्क को आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। आयोजन में एलएन ग्रुप और श्रद्धालुओं ने परमार्थ निकेतन को गद्गद हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
Reported By: Arun Sharma













Discussion about this post