
भाजपा के राष्ट्रीय सहकोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने संसद के शून्यकाल में उत्तराखंड में उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए “बहु-अंग प्रत्यारोपण शल्य चिकित्सा विभाग” की स्थापना का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देश में अंग-विफलता के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि प्रत्यारोपण की उपलब्ध सुविधाएं जरूरत की तुलना में बहुत कम हैं।
डॉ. बंसल ने NOTTO के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश में हर वर्ष लाखों किडनी और लिवर प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है, लेकिन वास्तविक संख्या इससे कहीं कम है। उत्तराखंड में ऐसी उन्नत सुविधाओं का अभाव होने के कारण मरीजों को अन्य राज्यों का रुख करना पड़ता है। उन्होंने मधुमेह से जुड़ी बीमारियों और पैनक्रियास सहित अन्य अंग प्रत्यारोपण की बढ़ती आवश्यकता पर भी ध्यान आकर्षित किया।
डॉ. बंसल ने कहा कि उत्तराखंड में अंगदान की दर बेहद कम है और इसके लिए संगठित व्यवस्था की आवश्यकता है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय उदाहरण देते हुए बताया कि स्पेन का “स्पैनिश मॉडल” अंगदान के क्षेत्र में अत्यंत सफल रहा है। उन्होंने सदन से आग्रह किया कि उत्तराखंड में बहु-अंग प्रत्यारोपण शल्य चिकित्सा विभाग की स्थापना कर रोगियों को बेहतर इलाज, दाताओं को सम्मान और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दी जाए।
Reported By: Arun sharma













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