अग्निवीर युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उत्तराखंड सरकार की ओर से अग्निवीर रोजगार सेल गठित करने के फैसले को लेकर सियासत तेज हो गई है। राज्य मंत्री एवं पूर्व कर्नल अजय कोटियाल ने प्रेस वार्ता कर सरकार के प्रयासों की जानकारी दी, वहीं कांग्रेस ने रोजगार सेल के गठन पर सवाल उठाते हुए सरकार से कई बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
अजय कोटियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अग्निवीर रोजगार सेल के गठन को मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य सेना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों को उनकी योग्यता, कौशल और सैन्य अनुभव के आधार पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि रोजगार सेल केंद्र और राज्य सरकार, पीएसयू, पैरामिलिट्री फोर्स, सरकारी विभागों और निजी कंपनियों के बीच समन्वय स्थापित करेगा। इसके अलावा अग्निवीरों को सरकारी योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और स्वरोजगार से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने के साथ जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
सरकार की ओर से अग्निवीरों के लिए डिजिटल पोर्टल तैयार करने की भी योजना है। इसके माध्यम से रोजगार और प्रशिक्षण से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। राज्य सरकार पहले ही अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था कर चुकी है।
कर्नल अजय कोठियाल(री), राज्य मंत्री
कांग्रेस ने उठाए सवाल
अग्निवीर रोजगार सेल के गठन के फैसले पर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में युवाओं के हित में काम करना चाहती है तो उसे पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि सैनिक कल्याण निगम और उपनल की भूमिका क्या होगी। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं के माध्यम से पहले से ही पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है।
प्रतिमा सिंह ने अग्निवीर योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चार साल की सेवा पूरी करने के बाद युवाओं को उस उम्र में नौकरी से बाहर होना पड़ रहा है, जब उन्हें अपना करियर आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को गुमराह करने के बजाय अग्निवीर योजना को खत्म करने की दिशा में काम करे।
कांग्रेस ने सरकार से अग्निवीर रोजगार सेल की आवश्यकता, उसकी कार्यप्रणाली और सैनिक कल्याण निगम एवं उपनल के साथ उसके समन्वय को लेकर स्पष्ट रोडमैप सामने रखने की मांग की है। वहीं, सरकार का कहना है कि रोजगार सेल के माध्यम से अग्निवीरों के कौशल और सैन्य अनुभव का उपयोग करते हुए उन्हें सेवा के बाद बेहतर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतिमा सिंह, प्रदेश प्रवक्ता कांग्रेस
Reported By: Crime patrol












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