देहरादून में धार्मिक स्थलों को अवैध बताकर की जा रही कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन ने जोरदार प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में संगठन से जुड़े लोग पुराने बस अड्डे से जिलाधिकारी कार्यालय की ओर कूच कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के तहत बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को बीच रास्ते में ही रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह की कार्रवाई संविधान की भावना के विपरीत है और इससे समुदाय में भय का माहौल पैदा हो रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आगामी 2027 विधानसभा चुनावों को देखते हुए दबाव की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई को लेकर समुदाय में गहरी नाराजगी है और सरकार को इस विषय पर स्पष्ट नीति अपनानी चाहिए।
गौरतलब है कि हाल ही में देहरादून के थानों क्षेत्र में स्थित एक मस्जिद को मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण बताते हुए सील किया गया था। इसके बाद से विभिन्न मुस्लिम संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार का कहना है कि सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने संबंधित विभागों को सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वन विभाग सहित विभिन्न विभागों की भूमि पर चलाए गए अभियान के तहत बड़ी मात्रा में सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया गया है। देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर समेत कई जिलों में अवैध मजारों और अन्य निर्माणों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस जारी है, जबकि प्रशासन का कहना है कि सभी कार्रवाई कानून और नियमानुसार की जा रही हैं।
नाइम कुरैशी, अध्यक्ष मुस्लिम सेवा संगठन
आबिद कुरैशी, उपाध्यक्ष मुस्लिम सेवा संगठन
Reported By: Shiv Narayan












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