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प्रदेश के कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में छात्र संख्या बढ़ाने और सुविधाओं के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में मंत्री ने आगामी भर्ती सत्र को ध्यान में रखते हुए आईटीआई में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कौशल विकास विभाग की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगारोन्मुखी कौशल हासिल कर सकें।
मंत्री ने कहा कि स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों के अभिभावकों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें कौशल विकास योजनाओं की जानकारी दी जाए। साथ ही शैक्षणिक संस्थानों के आसपास विभागीय योजनाओं से संबंधित होर्डिंग स्थापित किए जाएं, जिससे विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और रोजगार से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सके।
सौरभ बहुगुणा ने बताया कि देहरादून के निरंजनपुर, श्रीनगर और अल्मोड़ा स्थित आईटीआई में टीवीएस कंपनी के सहयोग से स्थापित किए जा रहे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्घाटन आगामी 16 जून को किया जाएगा। इसके अलावा टाटा टेक्नोलॉजी को सौंपे गए 13 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में जुलाई माह से शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू किए जाएंगे। इन केंद्रों के लिए आवश्यक मशीनरी और प्रशिक्षकों की व्यवस्था भी की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के 32 आईटीआई ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग (डीएसटी) मॉडल के तहत संचालित हो रहे हैं, जहां छात्र छह माह संस्थान और छह माह उद्योगों में प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। अब ऐसे संस्थानों की संख्या बढ़ाकर 45 की जाएगी, जिससे छात्रों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।
बैठक में मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग जल्द ही 168 नए आईटीआई प्रशिक्षकों की तैनाती करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों की नियुक्ति से प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
मंत्री ने अधिकारियों से कौशल विकास कार्यक्रमों को रोजगार से जोड़ने और युवाओं को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए।












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