समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम के ठप होने से नाराज जन संघर्ष मोर्चा ने रविवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने तहसील का घेराव किया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में नायब नाजिर श्री बिजल्वान को सौंपा।
मोर्चा अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि राज्य के 200 विद्यालयों और 28 स्पोक विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम की अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद अब तक उसका नवीनीकरण नहीं किया गया है। इससे 296 व्यावसायिक प्रशिक्षकों के सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो गया है, जबकि 25 से 30 हजार छात्र-छात्राओं का भविष्य भी अधर में लटक गया है।
उन्होंने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम की अनुबंध अवधि 31 मार्च 2026 को समाप्त हो चुकी है और चार महीने बीत जाने के बावजूद सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। नेगी ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत इस गंभीर समस्या के प्रति उदासीन बने हुए हैं और प्रभावित प्रशिक्षकों व छात्रों की परेशानियों पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
नेगी ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम युवाओं को कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलते हैं, जबकि प्रशिक्षकों का भविष्य भी सुरक्षित रहता है। ऐसे में इस योजना का ठप होना युवाओं के हितों के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि वह अपने विभाग का प्रभावी संचालन नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि प्रदेश के युवाओं और छात्रों के भविष्य को देखते हुए इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप किया जाए और व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम को शीघ्र बहाल करते हुए प्रशिक्षकों की सेवाएं पुनः शुरू की जाएं।
जन संघर्ष मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संगठन प्रदेशभर में आंदोलन को और तेज करेगा।
मोर्चा अध्यक्ष अध्यक्ष, रघुनाथ सिंह नेगी
Reported By: Arun sharma












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