नेपाल के झापा जिले की रहने वाली यमुना डकाल इन दिनों विश्व भ्रमण के संकल्प के साथ मानवता और शांति की राह पर हैं। बुद्ध की पावन जन्मस्थली लुंबिनी से अपनी यात्रा का श्रीगणेश करने वाली यमुना ने पहले चरण में गोरखपुर, अयोध्या, वृंदावन, मथुरा, दिल्ली, पंजाब, अमृतसर और हरियाणा की यात्रा पूरी कर बद्रीनाथ धाम में दर्शन किए। अब वह बाबा केदार के दर्शनों के लिए केदारनाथ धाम की ओर प्रस्थान कर रही हैं। यमुना की इस साहसिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य विश्व शांति का संदेश फैलाना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना, नगरों की स्वच्छता और नारी सशक्तिकरण को नई मजबूती प्रदान करना है।
यमुना डकल का कहना है कि उन्होंने भगवान बुद्ध की भूमि से अपनी यात्रा इसलिए शुरू की क्योंकि बुद्ध ने ही पूरी दुनिया को शांति का मार्ग दिखाया था। हालांकि, ईरान-इराक के बीच चल रहे युद्ध के कारण वीजा मिलने में आ रही तकनीकी दिक्कतों की वजह से उनके वर्ल्ड टूर की गति फिलहाल कुछ धीमी हुई है। उन्होंने बताया कि केदारनाथ दर्शन के बाद वह कुछ समय के लिए वापस नेपाल लौटेंगी और स्थितियां सामान्य होते ही दोबारा अपने विश्व भ्रमण के लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास करेंगी। यात्रा के दौरान जगह-जगह स्थानीय लोग यमुना का भव्य स्वागत कर रहे हैं और पर्यावरण व शांति के प्रति उनके इस जज्बे की सराहना कर रहे हैं। इससे पूर्व भी कई यात्री पर्यावरण के लिए लंबी यात्राएं कर चुके हैं, लेकिन नेपाल की बेटी यमुना का यह प्रयास नारी शक्ति और वैश्विक सौहार्द की एक नई मिसाल पेश कर रहा है।
Reported By: Praveen Bhardwaj












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