सरकार के खिलाफ Congress के विधायकों ने विधानसभा गेट में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य केंद्र महिला आरक्षण, महिला सुरक्षा और गन्ना किसानों के बकाया भुगतान का मुद्दा रहा।
विधानसभा के मुख्य द्वार पर कांग्रेस विधायक Virendra Jati ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए गन्ने से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से गन्ना गिराकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में गन्ना किसानों का करोड़ों रुपये का भुगतान वर्षों से लंबित है, लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं है।

इस दौरान कांग्रेस विधायक रिस्पना क्षेत्र से पैदल मार्च करते हुए विधानसभा पहुंचे और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। विधायकों ने महिला आरक्षण के साथ-साथ महिला सुरक्षा को भी प्रमुख मुद्दा बताया।
Virendra Jati ने विशेष रूप से इकबालपुर चीनी मिल का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2018-19 का लगभग 110 करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान अब तक लंबित है, लेकिन सरकार इस पर मौन है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
अचानक हुए इस प्रदर्शन से विधानसभा परिसर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसे मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने नियंत्रित किया।
विपक्ष के नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार महिला आरक्षण के नाम पर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को तत्काल लागू किया जाए और इसे आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रभावी किया जाए।
इस बीच, विपक्ष ने Ankita Bhandari मामले का भी उल्लेख करते हुए कहा कि पीड़िता को अब तक न्याय नहीं मिल पाया है, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है।
Bhuwan Kapri ने कहा कि सरकार महिला आरक्षण कानून को टालकर केवल राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं के मुद्दों पर सरकार संवेदनहीन है और जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।
वहीं Qazi Nizamuddin ने भी महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए इसे जल्द लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य में आंगनबाड़ी सहित विभिन्न वर्गों की महिलाएं लंबे समय से आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है।
इस पूरे प्रदर्शन ने राज्य की राजनीति में महिला आरक्षण और किसान भुगतान जैसे मुद्दों को एक बार फिर गरमा दिया है।
Reported By: Arun Sharma












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