
हल्द्वानी। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी कई परंपराएं और मान्यताएं आज भी लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई हैं। हल्द्वानी में भी एक ऐसा पेड़ मौजूद है, जिसे ‘माखन कटोरी’ के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस पेड़ का संबंध भगवान कृष्ण की माखन चोरी और अपने सखाओं के साथ माखन खाने की बाल लीला से है।
मान्यता के अनुसार, जब भगवान श्रीकृष्ण अपने सखाओं के साथ माखन खाते थे, तब इस पेड़ के पत्तों का उपयोग कटोरी के रूप में किया जाता था। इसी धार्मिक और पौराणिक मान्यता के चलते आज भी इस पेड़ के पत्तों को श्रद्धा की नजर से देखा जाता है।
भगवान कृष्ण से केवल ‘माखन कटोरी’ ही नहीं, बल्कि कई अन्य पेड़-पौधों का भी धार्मिक और पौराणिक संबंध माना जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों में इन पेड़-पौधों को लेकर सदियों पुरानी लोक मान्यताएं प्रचलित हैं। यही वजह है कि लोग इन पौधों के बारे में जानकारी लेने के साथ-साथ इन्हें अपने घरों और धार्मिक स्थलों पर आस्था के प्रतीक के रूप में लगाने में भी रुचि दिखाते हैं।
हल्द्वानी स्थित एक नर्सरी का संचालन कर रहे सेवानिवृत्त रेंज ऑफिसर मदन सिंह बिष्ट बताते हैं कि आज भी बड़ी संख्या में लोग धार्मिक महत्व वाले पेड़-पौधों के बारे में जानकारी लेने पहुंचते हैं। कई लोग इन पौधों को अपने घरों में लगाना चाहते हैं, ताकि धार्मिक आस्था के साथ-साथ इनके संरक्षण को भी बढ़ावा मिल सके।
मदन सिंह बिष्ट के अनुसार, धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं से जुड़े इन पेड़-पौधों का संरक्षण बेहद जरूरी है। इससे आने वाली पीढ़ियां न केवल इन वनस्पतियों के बारे में जान सकेंगी, बल्कि उनसे जुड़ी लोक परंपराएं और मान्यताएं भी आगे तक जीवित रहेंगी।
‘माखन कटोरी’ का यह पेड़ वनस्पति की दृष्टि से भले ही खास हो, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़ी मान्यता ने इसे लोगों की धार्मिक आस्था में एक अलग पहचान दिलाई है।
मदन सिंह बिष्ट, सेवानिवृत्त रेंज ऑफिसर
Reported By: Praveen Bhardwaj













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