सीमांत नीति घाटी में आयोजित प्रतिष्ठित ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ प्रतियोगिता में नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत संस्था “सजग इंडिया” ने सक्रिय सहभागिता करते हुए फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और नशामुक्ति के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। उत्तराखंड पर्यटन विभाग, भारतीय सेना, आईटीबीपी, जिला प्रशासन और सजग इंडिया के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 28 राज्यों से आए 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के सदस्य एवं सजग इंडिया के अध्यक्ष एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने बताया कि संस्था पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से प्रदेशभर में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि नीति घाटी जैसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में भाग लेकर संस्था ने “नशे को ना, फिटनेस को हां” का संदेश देशभर से आए प्रतिभागियों तक पहुंचाया। साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने राज्यों में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
तीन दिवसीय ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ प्रतियोगिता का आयोजन 31 मई से 2 जून तक विभिन्न श्रेणियों में किया गया। प्रतियोगिता में 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन, 42 किलोमीटर मैराथन, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर रन, 5 किलोमीटर रन और एमटीबी चैलेंज जैसी स्पर्धाएं शामिल थीं।
आयोजन के पहले दिन रिमखिम-नीति-मलारी मार्ग पर 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन आयोजित की गई, जिसमें 117 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं मलारी-नीति-मलारी 42 किलोमीटर अल्ट्रा रन में 118 धावकों ने भाग लिया। दूसरे दिन 5, 10 और 21 किलोमीटर की दौड़ प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जबकि समापन अवसर पर गमसाली से मलारी के बीच 30 किलोमीटर एमटीबी चैलेंज प्रतियोगिता आयोजित की गई।
इस दौरान सजग इंडिया की टीम ने नीति, गमसाली, बम्पा, मलारी सहित आसपास के आठ गांवों के लोगों से संवाद कर उन्हें मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक फिटनेस और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। संस्था ने युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
एडवोकेट ललित मोहन जोशी ने कहा कि खेल और फिटनेस आधारित ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं तथा उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही एक सशक्त समाज की नींव है।
आयोजन के माध्यम से जहां प्रतिभागियों ने हिमालय की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया, वहीं नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश भी व्यापक स्तर पर प्रसारित हुआ।
Reported By: Arun Sharma












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