Sunday, August 2, 2026
  • About
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Contact
  • Disclaimer
Crime Patrol
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • हेल्थ
  • विश्व
  • रोजगार
  • मनोरंजन
  • फैशन
  • पर्यटन
  • धार्मिक
  • त्‍योहार
  • अर्थव्यवस्था
  • अपराध
No Result
View All Result
Crime Patrol
No Result
View All Result
Home राष्ट्रीय

नए भारत की एमएसएमई क्रांति के केंद्र में है नारी शक्ति

एमएसएमई क्षेत्र को अक्सर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी कहा जाता है। लेकिन अगर गहराई से देखें तो इसके दिल में महिला उद्यमियों का मूक बल बसता है।

Crime Patrol by Crime Patrol
April 17, 2026
in राष्ट्रीय
Reading Time: 1 min read
0 0
A A
0
Nari Shakti
1
VIEWS

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने वाले नारी शक्ति वंदन अधिनियम का सितंबर 2023 में संसद में समर्थन करते हुए विश्वास व्यक्त किया था कि भारत तभी आगे बढ़ सकता जब देश की नारियां भी इसके साथ ही उन्नति करें। उनका यह विश्वास एमएसएमई क्षेत्र (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) में सरकार के काम में हर रोज दिखाई देता है।

एमएसएमई क्षेत्र को अक्सर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी कहा जाता है। लेकिन अगर गहराई से देखें तो इसके दिल में महिला उद्यमियों का मूक बल बसता है। आखिरकार आज इस मूक बल को वह राष्ट्रीय मान्यता, संस्थागत समर्थन और नीतिगत गति मिल रही है जिसका वह हमेशा से हकदार है।

आँकड़े बयां करते हैं कहानी
भारत के एमएसएमई इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। 2026 की शुरुआत तक, ‘उद्यम पंजीकरण पोर्टल’ और ‘उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म’ पर 3.11 करोड़ से अधिक महिला-नेतृत्व वाले उद्यम पंजीकृत हुए हैं। वास्तव में, ‘उद्यम’ और ‘उद्यम असिस्ट’ पंजीकरण के अनुसार, देश के कुल पंजीकृत एमएसएमई में महिला-स्वामित्व वाले उद्यमों की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है और ये रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। महिला उद्यमियों के लिए सबसे प्रभावशाली सुधारों में से एक ‘उद्यम पंजीकरण पोर्टल’ के माध्यम से पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाना है। पूरी तरह से ऑनलाइन, कागज रहित और स्व-घोषणा पर आधारित इस व्यवस्था ने उस नौकरशाही बाधा को समाप्त कर दिया, जो महिलाओं के लिए एक बड़ी रुकावट बनी हुई थी। जनवरी 2023 में शुरू किए गए ‘उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म’ ने अनौपचारिक क्षेत्रों में कार्यरत उन महिलाओं तक पहुँच बनाकर इस दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया, जिनके पास ‘पैन’ नंबर या ‘जीएसटीएन’ नहीं था। इसने उन्हें प्राथमिकता क्षेत्र में दिए जाने वाले ऋण और सरकारी योजनाओं के लाभों के दायरे में लाने का काम किया। सरकार ने महिलाओं को विकास वाहक के रूप में अपने आर्थिक एजेंडे के केंद्र में रखने का निर्णय लिया है।

आर्थिक शक्ति के रूप में ‘नारी शक्ति’
प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार इस बात पर ज़ोर दिया है कि महिलाओं को सशक्त बनाना केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय रणनीति है। उन्होंने ही कहा था कि जब महिलाएं सशक्त होती हैं, तो परिवार सशक्त होते हैं और जब परिवार सशक्त होते हैं, तो राष्ट्र निरंतर मज़बूत होता जाता है।
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ राजनीतिक क्षेत्र में इस दर्शन की सबसे स्पष्ट अभिव्यक्ति है। लेकिन आर्थिक क्षेत्र में, विशेष रूप से एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता एक व्यापक और बहुआयामी नीतिगत ढांचे के रूप में सामने आई है, जो ऋण, कौशल, बाज़ार तक पहुंच, पहचान और गरिमा जैसे पहलुओं को समाहित करती है।

इसे भी पढ़ें

Parliament

संसद में दान पेटी प्रदर्शन पर भड़के नरेश बंसल, बोले- सनातन और संत समाज का अपमान

August 1, 2026
Tribute

द्रास में कारगिल के वीरों को नमन, रक्षा मंत्री ने दोहराया ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ का संकल्प

July 26, 2026
Tribute

कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि, राज्यपाल ने वीर नारियों का किया सम्मान

July 26, 2026
Dharmendra Pradhan

नीट पेपर लीक मामला: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, युवाओं की भावनाओं का दिया हवाला

July 25, 2026

महिलाओं के लिए तैयार की गई एक नीतिगत संरचना
एमएसएमई मंत्रालय ने अपने हर बड़े कार्यक्रम और योजना में महिलाओं के सशक्तिकरण को व्यवस्थित रूप से शामिल किया है।
ये सभी मिलकर, आपूर्ति पक्ष पर आठ मुख्य श्रेणियों के माध्यम से उद्यमियों को सहायता प्रदान करते हैं: तकनीक तक पहुँच, ऋण और वित्त तक पहुँच, डिजिटलीकरण को बढ़ावा, अवसरंचना सहायता, औपचारिकीकरण और समावेशन, बाज़ार तक पहुँच, और उद्योग-स्तरीय कौशल विकास।
पिछले पाँच वर्षों में, प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत 3.2 लाख से ज़्यादा महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों को सहायता दी गई है। हाल के आँकड़ों के अनुसार, पीएमईजीपी के कुल लाभार्थियों में से 39% महिलाएँ हैं जो इस योजना की रूपरेखा और महिलाओं की कुछ कर दिखाने की ललक, दोनों को दर्शाता है।

सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट महिला ऋणदाताओं को 90 प्रतिशत तक का बढ़ा हुआ गारंटी कवर प्रदान करता है। इससे बैंक बिना कुछ गिरवी रखे महिलाओं को ऋण देने के लिए तैयार हैं।

इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक खरीद नीति में संशोधन कर यह अनिवार्य किया गया कि केंद्रीय मंत्रालय, विभाग और सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम अपनी वार्षिक खरीद का कम से कम 3 प्रतिशत हिस्सा महिला-स्वामित्व वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों से ही खरीदें। इससे महिला उद्यमियों के लिए एक सुनिश्चित और अनुमानित बाज़ार तैयार होता है, जिससे सरकारी खर्च को महिलाओं के व्यवसाय की वृद्धि में बदला जा रहा है। यह देखकर खुशी होती है कि वित्त वर्ष 2025-26 में, केंद्रीय मंत्रालयों/विभागों/केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों द्वारा की गई कुल खरीद का 3.5 प्रतिशत हिस्सा महिला एमएसएमई से ही खरीदा गया था।

‘जेडइडी’ (जीरो डिफेक्ट जीरो इफेक्ट) प्रमाणन योजना के तहत, महिला-स्वामित्व वाले एमएसएमई को प्रमाणन शुल्क पर सौ प्रतिशत सब्सिडी मिलती है। ये विस्तृत विवरण काफी महत्वपूर्ण हैं और ये मंत्रालय के प्रयासों को दर्शाते हैं। मंत्रालय ने इस बारे में गहराई से विचार किया है कि महिलाओं को कहाँ कहाँ बाधाओं का सामना करना पड़ता है और ठीक उन्हीं बाधाओं को दूर करने के लक्ष्य के साथ सहायता दी गई।

‘महिला कॉयर योजना’, के तहत कॉयर क्षेत्र में काम करने वाली महिला कारीगरों को विशेष कौशल विकास और वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। ‘एमएसएमई- व्यापार सशक्तिकरण और विपणन’ के तहत महिलाओं को मार्केटिंग के लिए मदद करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 5 लाख लाभार्थियों में से 50 प्रतिशत महिलाओं को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। ‘यशस्विनी अभियान’ में, एमएसएमई योजनाओं और पंजीकरण से मिलने वाले लाभों के बारे में महिलाओं को जानकारी देने के लिए पूरे देश में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विशेष रूप से महिला उद्यमियों के लिए आयोजित ‘एमएसएमई आइडिया हैकाथॉन’ 3.0 के तहत 18,888 से अधिक आइडिया प्राप्त हुए, जो स्पष्ट रूप से यह दर्शाता है कि महिलाओं में रचनात्मक और उद्यमशीलता की ऊर्जा का भंडार मौजूद है, जो बस बाहर आने का इंतज़ार कर रहा है।

इसके अलावा, मंत्रालय के पास एक समर्पित महिला उद्यमिता प्रकोष्ठ है, जो विभिन्न योजनाओं के बीच समन्वय स्थापित करके, महिलाओं के लिए प्राप्त परिणामों की निगरानी और मूल्यांकन करके, तथा इकोसिस्टम के हितधारकों के साथ जुड़कर महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक नोडल केंद्र के रूप में कार्य करता है।

इन सभी पहलों ने जेंडर टारगेटिंग (लैंगिक लक्ष्यीकरण) और अभिसरण पर ध्यान केंद्रित किया है। ये कदम योजनाओं के भीतर केवल एक सब्सिडी प्रावधान के रूप में ‘महिलाओं के समावेश’ से आगे बढ़कर, महिला-अनुकूल उद्यमिता सहायता के लिए एक अधिक सुविचारित और व्यापक ढांचे की ओर बढ़ने के सफर को दर्शाते हैं।

कौशल, आत्मविश्वास, समुदाय
क्रेडिट और बाज़ारों से परे, सरकार ने यह माना है कि उद्यमिता कौशल और आत्मविश्वास का भी विषय है। विशेष रूप से पूर्वोत्तर में, जहाँ महिलाएँ पारंपरिक रूप से अपने समाज की आर्थिक रीढ़ रही हैं, लक्षित उद्यमिता विकास कार्यक्रमों ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रशिक्षित प्रतिभागियों में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक हो।

स्वयं सहायता समूहों को एमएसएमई सहायता तंत्रों के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे महिला उद्यमियों के ऐसे समुदाय बने हैं जो एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। वे न केवल अपना व्यवसाय खड़ा करते हैं, बल्कि आपस में जुड़कर एक मजबूत नेटवर्क भी तैयार करते हैं।
यह एक ऐसी सरकार है जो निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है। प्रत्येक बजट, प्रत्येक योजना और प्रत्येक पोर्टल का सरलीकरण उस विशाल इमारत की एक ईंट के समान है, जिसकी नींव प्रधानमंत्री मोदी ने एक सरल, किंतु क्रांतिकारी विचार के साथ रखी थी—कि भारत की महिलाएं एक ऐसी शक्ति हैं जिन्हें अब स्वतंत्र और सशक्त होने का अवसर मिलना चाहिए।

हर उद्यम में ‘नारी शक्ति’ की भावना
नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने दुनिया को बताया कि भारत की महिलाएँ यहाँ की संसद का हिस्सा हैं। इस सरकार की एमएसएमई नीतियां दुनिया को यह बता रही हैं कि भारत की महिलाएँ देश के बाजारों, कारखानों, उसकी निर्यात श्रृंखलाओं, उसके नवाचार केंद्रों और उसके बोर्डरूम्स की भी हकदार हैं।
ये उसी एक सत्य की अभिव्यक्तियाँ हैं, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक ‘विकसित भारत’ के अपने विज़न का आधार बनाया है। एक विकसित भारत वह भारत है, जहाँ 3 करोड़ से भी ज़्यादा महिला उद्यमी (और यह संख्या लगातार बढ़ रही है) विकास की असली ताकत हैं।
अभी हम उस लक्ष्य तक पूरी तरह नहीं पहुँचे हैं, लेकिन इस सरकार की देखरेख में और प्रधानमंत्री के पक्के इरादों के साथ, हम यकीनन उस राह पर आगे बढ़ रहे हैं।

Shobha Karandlaje

Previous Post

नारी शक्ति वंदन के संबंध में भाजपा कार्यकत्रियों ने निकाली यात्रा

Next Post

उत्तराखंड में पॉलिटेक्निक एडमिशन प्रक्रिया शुरू, 15 मई तक ऑनलाइन आवेदन

Next Post
Dr. Dhan Singh Rawat

उत्तराखंड में पॉलिटेक्निक एडमिशन प्रक्रिया शुरू, 15 मई तक ऑनलाइन आवेदन

Crime

ऑपरेशन प्रहार: पुलिस पर फायरिंग करने वाला बदमाश मुठभेड़ में घायल, अवैध तमंचा बरामद

Discussion about this post

RECOMMENDED NEWS

Accident

धनौरी मार्ग पर भीषण सड़क हादसा,महिला की मौके पर दर्दनाक मौत

4 months ago
Accident

मोहबेवाला में कार-ट्रक भिड़ंत, SDRF ने फंसे चालक को सुरक्षित निकाला

4 months ago
Students

मदरसों में PM पोषण योजना में गड़बड़ी, मदरसा बोर्ड अध्यक्ष बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई

3 months ago
Gas

जसपुर : गैस ब्लैकियों की खैर नहीं प्रशासन ने संभाला मोर्चा

4 months ago

FOLLOW US

BROWSE BY CATEGORIES

  • Blog
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • अर्थव्यवस्था
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • त्‍योहार
  • दिल्ली
  • दुर्घटना
  • देहरादून
  • धार्मिक
  • पर्यटन
  • पुलिस
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • राजनीती
  • राष्ट्रीय
  • रोजगार
  • विश्व
  • शिक्षा
  • हेल्थ

POPULAR NEWS

  • Congress

    अग्निपथ योजना रद्द करने को कांग्रेस का आंदोलन

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मुख्यमंत्री धामी ने मां माया देवी मंदिर से छड़ी यात्रा का किया शुभारंभ

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • मानव उत्थान सेवा समिति ने चलाया स्वच्छ भारत अभियान

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • CBI की जांच की मांग को लेकर कांग्रेस करेगी कूच

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • देहरादून में भव्य रामलीला महोत्सव 2025

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Crime Patrol Logo

Crime Patrol is a trusted website that brings you real crime stories, latest news, health updates, and trending topics from around the world. Our mission is to spread awareness through true incidents, police investigations, and social issues that impact everyday life. We also provide useful health tips, wellness advice, and lifestyle content to help you stay informed and safe. Updated daily with verified and engaging content, Crime Patrol keeps you connected with reality. Whether it’s a shocking crime case or essential health info – we deliver news that matters.

Follow us on social media:

Recent News

  • उत्तराखंड बोर्ड ने बढ़ाई हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के डाटा अपडेशन की अंतिम तिथि
  • एम्स ऋषिकेश में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम, 10 लोगों ने कराया NOTTO में पंजीकरण
  • चाय बागान सीलिंग भूमि के नाम पर आमजन का हो रहा शोषण: रघुनाथ सिंह नेगी

Category

  • Blog
  • अन्तर्राष्ट्रीय
  • अपराध
  • अर्थव्यवस्था
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • त्‍योहार
  • दिल्ली
  • दुर्घटना
  • देहरादून
  • धार्मिक
  • पर्यटन
  • पुलिस
  • फैशन
  • मनोरंजन
  • राजनीती
  • राष्ट्रीय
  • रोजगार
  • विश्व
  • शिक्षा
  • हेल्थ

Recent News

Dhan Singh

उत्तराखंड बोर्ड ने बढ़ाई हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के डाटा अपडेशन की अंतिम तिथि

August 2, 2026
awareness program

एम्स ऋषिकेश में अंगदान जागरूकता कार्यक्रम, 10 लोगों ने कराया NOTTO में पंजीकरण

August 2, 2026
  • About
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Contact
  • Disclaimer

© 2025 All Rights Reserved By: Crime Patrol

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • उत्तराखंड
  • राजनीती
  • हेल्थ
  • विश्व
  • रोजगार
  • मनोरंजन
  • फैशन
  • पर्यटन
  • धार्मिक
  • त्‍योहार
  • अर्थव्यवस्था
  • अपराध

© 2025 All Rights Reserved By: Crime Patrol