देहरादून: जिले में 1 अक्टूबर से नया खनन सत्र शुरू होने जा रहा है। खनन गतिविधियों को नियमों के तहत संचालित कराने और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने अवैध खनन की रोकथाम के लिए जिला और सब-डिवीजन स्तर पर गठित एंटी-इलीगल माइनिंग टास्क फोर्स को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। खनन क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
खनन वाहनों पर भी होगी सख्ती
जिलाधिकारी ने कहा कि खनन सामग्री ले जाने वाले वाहनों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जाएगी। सड़कों पर रैश ड्राइविंग करने वाले और बिना नंबर प्लेट संचालित होने वाले खनन वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य खनन गतिविधियों को निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित कराने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना भी है।
श्रमिकों के लिए 77 लाख रुपये का एस्टीमेट
खनन क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों की सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन ने तैयारी की है। कार्यस्थलों पर शौचालय और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करीब 77 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को श्रमिकों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
रिवर ड्रेजिंग में संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर
रिवर ड्रेजिंग के दौरान रिहायशी क्षेत्रों को संभावित खतरे से बचाने के लिए प्रशासन ने संवेदनशील साइटों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि चिन्हित क्षेत्रों में नियमानुसार ही खनन पट्टे आवंटित किए जाएं।
उन्होंने अधिकारियों से खनन सत्र शुरू होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा, ताकि अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
डॉ आशीष चौहान, जिलाधिकारी देहरादून
Reported By: Praveen Bhardwaj













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