मशरूम खाने से हुई दो मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय से अपर निदेशक प्रीति पंत ने इस मामले में पुन: जांच करने के लिए सीएमओ को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि अब सीएमओ की अध्यक्षता में जांच कमेटी बने। कमेटी में जिला प्रशासन द्वारा नामित अधिकारी को भी रखे जाने की सलाह दी है।
ग्राम पंचायत धापा निवासी दो लोगों की मशरूम खाने से मौत हो गई थी। इस मामले में दोनों को जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया था तो इलाज में गंभीर लापरवाही का मामला प्रकाश में आया था। इस बात को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने इलाज में हुई लापरवाही पर उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। स्वास्थ्य महानिदेशक के निर्देश के बाद बनी जांच कमेटी द्वारा प्रतिदिन प्रत्यक्षदर्शी गवाहो के जो बयान लिए गए थे, उसमें लीपा पोती की गई थी।
जांच समिति के सदस्यों ने गवाहो से निष्पक्ष होकर बयान नहीं देने दिया। उनसे कहा गया कि जो सवाल हम पूछेंगे उसी का जवाब देना होगा।
बंद कमरे में हुई इस जांच में हुई लापरवाही के सामने आने से नाराज जनप्रतिनिधियों ने इसकी न्यायिक जांच की मांग को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।
अपर निदेशक प्रीति पंत ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि अब सीएमओ की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी। इस कमेटी में जिला प्रशासन द्वारा नामित एक अधिकारी को भी रखा जाएगा।
मुनस्यारी बचाओं संघर्ष समिति के संयोजक तथा पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत मर्तोलिया ने कहा कि जब तक निष्पक्ष रूप से बयान नहीं हो जाते है, तब तक समिति चुप नहीं बैठने वाली है।
उन्होंने कहा कि बयानों का अध्ययन करने के बाद समिति मामले में अगला कदम उठाने के लिए निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि तत्काल सीएमओ को समिति का गठन कर आगे की कार्रवाई करनी चाहिए।
Reported By: Arun Sharma














Discussion about this post