
रामनगर तराई पश्चिमी क्षेत्र के आमपोखरा रेंज अंतर्गत गोपीपुरा गांव में पिछले कई दिनों से गुलदार की दहशत बनी हुई थी। देर रात इस गुलदार के पिंजरे में कैद हो जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है, बताया जा रहा है कि गुलदार लगातार गांव के आसपास घूम रहा था और कुत्तों समेत छोटे जानवरों को अपना शिकार बना रहा था, जिससे लोगों में भय का माहौल था।
मामले की जानकारी देते हुए आमपोखरा रेंज के रेंज अधिकारी पी.एस. खनायत ने बताया कि रामनगर तराई पश्चिमी के आमपोखरा रेंज के हेमपुर डिपो हल्दुआ बीट के अंतर्गत गोपीपुरा गांव में वन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि एक गुलदार रात के समय आबादी के नजदीक आ रहा है,ग्रामीणों ने बताया था कि उनके पालतू जानवर लगातार गायब हो रहे हैं, जिससे आशंका जताई जा रही थी कि क्षेत्र में गुलदार सक्रिय है।इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर क्षेत्र में पिंजरा लगाया था,बीती रात लगभग 2 से 3 बजे के बीच गुलदार उसी पिंजरे में कैद हो गया। सुबह जब वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो उन्होंने गुलदार को सुरक्षित पिंजरे में बंद पाया।
रेंज अधिकारी ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार लगभग एक वर्ष का नर है, उन्होंने कहा कि यह गुलदार पूरी तरह स्वस्थ है और इसे किसी प्रकार की चोट नहीं आई है। वन विभाग की टीम ने सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उसे सुरक्षित रूप से जंगल के कोर एरिया में छोड़ दिया है, ताकि वह आबादी से दूर रहे और किसी प्रकार की जनहानि न हो।
गुलदार के पकड़े जाने के बाद गांव में लोगों ने राहत महसूस की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से वे डर के साए में जी रहे थे और रात के समय घर से बाहर निकलने से भी डरते थे।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे जंगल से सटे क्षेत्रों में सतर्कता बरतें, रात के समय अकेले बाहर न निकलें और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को दें।
Reported By: Praveen Bhardwaj













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