हरिद्वार में नगर निगम प्रशासन द्वारा रेहड़ी-पटरी और स्ट्रीट वेंडरों को उनके व्यवसायिक स्थलों से हटाए जाने के विरोध में लघु व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा के नेतृत्व में तुलसी चौक से नगर आयुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला गया और पांच सूत्रीय मांगों को लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
प्रदर्शन के दौरान व्यापारियों ने नगर निगम द्वारा विकसित तीन वेंडिंग जोन—ललतारो पुल-चंडी चौराहा मार्ग, भगत सिंह चौक सेक्टर-2 बैरियर और पुल जटवाड़ा—में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा पूर्व निर्धारित कियोस्क के आगे छह फुट अतिरिक्त भूमि के उपयोग के लिए स्पष्ट सीमा रेखा निर्धारित करने की मांग उठाई।
इस मौके पर नगर आयुक्त नंदन कुमार ने कहा कि नगर निगम प्रशासन द्वारा प्रथम चरण में तीन वेंडिंग जोन विकसित किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेंडिंग जोन में आवंटित कियोस्क के आगे अतिरिक्त भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण पाए जाने पर फेरी नीति नियमावली के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त ने बताया कि सरकार के निर्देशों के अनुरूप प्रधानमंत्री स्वनिधि स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर योजना और राज्य फेरी नीति नियमावली के तहत नए वेंडिंग जोन भी चिन्हित किए जा रहे हैं। साथ ही नगर निगम में पंजीकृत सभी स्ट्रीट वेंडरों को प्रशिक्षण देकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं लघु व्यापार एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा ने कहा कि उत्तराखंड नगरीय फेरी नीति नियमावली-2016 और फेरी समिति के निर्णयों के अनुसार वेंडिंग जोन के लाभार्थियों को कियोस्क के आगे छह फुट अतिरिक्त भूमि के उपयोग की अनुमति है। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण अभियान के दौरान संबंधित अधिकारियों को इस प्रावधान की जानकारी नहीं दी गई, जो उचित नहीं है।
संजय चोपड़ा ने यह भी कहा कि वर्ष 2010 के कुंभ मेले के दौरान विस्थापित किए गए ललतारो पुल खोखा-पटरी यूनियन से जुड़े व्यापारियों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम की प्रशासनिक समिति का गठन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र समाधान निकाला जाए।
लघु व्यापार एसोसिएशन प्रांतीय अध्यक्ष संजय चोपड़ा
Reported By: Arun sharma












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