
उत्तराखण्ड सरकार ने रोजगार, न्याय और सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है।
पहली पहल के तहत महिलाओं, युवाओं और भूतपूर्व सैनिकों के लिए अलग–अलग रोजगार एवं कौशल विकास नीतियां बनाई जाएंगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, विदेशी भाषाओं व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण की व्यवस्था होगी। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए मौन पालन, एप्पल मिशन और बागवानी में प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय एजेंसियों से एमओयू किए जाएंगे।
दूसरी पहल में “उत्तराखण्ड अपराध से पीड़ित सहायता (संशोधन) योजना, 2025” को मंजूरी दी गई है। इसके तहत विशेष रूप से POCSO पीड़ितों को क्षतिपूर्ति देने के लिए नए प्रावधान जोड़े गए हैं। इससे पीड़ितों को समयबद्ध और प्रभावी आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
तीसरी पहल के रूप में “उत्तराखण्ड साक्षी संरक्षण योजना, 2025” को लागू किया गया है। इसका उद्देश्य साक्षियों को भय और दबाव से मुक्त कर सुरक्षित वातावरण में गवाही देने की सुविधा देना है। योजना में पहचान गोपनीयता, स्थान परिवर्तन, वित्तीय सहायता और सुरक्षा उपाय शामिल हैं। इसके लिए राज्य साक्षी संरक्षण समिति गठित की गई है।
इन तीनों पहलों से युवाओं को रोजगार, पीड़ितों को न्याय और साक्षियों को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।
Reported By: Arun Sharma













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