पिथौरागढ़। पर्यावरण संरक्षण और हरित हिमालय के संकल्प को साकार करते हुए 130 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल कुमाऊँ ने हरेला सप्ताह के दौरान जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाकर 70 हजार पौधों का रोपण किया। 10 से 16 जुलाई 2026 तक चले इस अभियान में स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों और विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी रही।
बटालियन द्वारा यह अभियान बनानी, गुनसेरा (चंडाक), अगनिया (बुंगाचीना), सुवाकोट (वड्डा) सहित कई क्षेत्रों में संचालित किया गया। अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, पूर्व सैनिकों, विद्यालयों के छात्र-छात्राओं, स्वयंसेवी संगठनों, राज्य वन विभाग और सिविल प्रशासन ने मिलकर पौधरोपण किया।
इस दौरान आम, अनार, अमरूद, लीची, नींबू, बाँज, मणिपुरी बाँज, चिनार, देवदार, सुरई और कचनार सहित स्थानीय एवं फलदार प्रजातियों के पौधे लगाए गए। बटालियन ने बताया कि यह अभियान वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित 8 लाख पौधों के वार्षिक लक्ष्य से अलग स्वैच्छिक रूप से चलाया गया, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी विशेष प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
हरेला सप्ताह का समापन 16 जुलाई को वर्धानी ईको पार्क, चंडाक में राज्य वन विभाग के सहयोग से आयोजित समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या रहीं। इस अवसर पर अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एसीसीएफ) मीनाक्षी जोशी, महापौर पिथौरागढ़, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, पुलिस अधीक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, स्कूली छात्र-छात्राएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने 130 इन्फैंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल कुमाऊँ द्वारा पर्यावरण संरक्षण और हिमालयी पारिस्थितिकी के संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
उल्लेखनीय है कि वनीकरण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बटालियन को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रशस्ति-पत्र (Appreciation Certificate) से सम्मानित किया जा चुका है। यह सम्मान राज्य में हरित विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बटालियन की निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जाता है।
बटालियन ने अभियान में सहयोग देने वाली सभी संस्थाओं और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का आह्वान किया। साथ ही भविष्य में भी हिमालयी पारिस्थितिकी के संरक्षण के लिए इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहने का संकल्प दोहराया।
Reported By: Arun Sharma












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