
एडवोकेट विकेश नेगी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि “बॉबी पंवार युवाओं के हितैषी नहीं, बल्कि उन्हें अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। आंदोलन अब बेरोज़गारों का नहीं, बल्कि राजनीतिक मंच बन चुका है।”
नेगी का दावा है कि उन्होंने बेरोज़गारों की मांगों को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की, लेकिन इसके लिए जब-जब बॉबी पंवार से जरूरी दस्तावेज़ मांगे, उन्होंने एक भी कागज़ उपलब्ध नहीं कराया। सवाल ये है कि अगर आंदोलन सचमुच युवाओं के भविष्य के लिए है तो पारदर्शिता से क्यों भागा जा रहा है.?
यही नहीं, आंदोलन के दौरान लगे ‘आजादी’ जैसे नारों पर भी नेगी ने कड़ी आपत्ति जताई और ऐसे नारों को राष्ट्रविरोधी बताते हुए सरकार से तुरंत सख़्त कार्रवाई की मांग की है।
एडवोकेट विकेश सिंह नेगी ने सवाल उठाते हुए कहा कि सभी को सोचना चाहिए कि क्या यह आंदोलन बेरोज़गार युवाओं की असली लड़ाई है.? या फिर किसी की राजनीति की नई दुकान, जिसमें युवाओं को मोहरा बनाया जा रहा है.?
एडवोकेट विकेश नेगी
Reported By: Arun Sharma













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