
तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के कपाट बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे शीतकाल के लिए विधि-विधानपूर्वक बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के पश्चात भगवान तुंगनाथ जी की चल विग्रह डोली ढोल-नगाड़ों और जयघोषों के बीच प्रथम पड़ाव चोपता के लिए रवाना हुई। इस दौरान मंदिर को फूलों से सजाया गया था और पांच सौ से अधिक श्रद्धालु इस पावन क्षण के साक्षी बने।
कपाट बंद करने की प्रक्रिया बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल की उपस्थिति में संपन्न हुई। भोग, यज्ञ और हवन के बाद शिवलिंग को समाधि रूप दिया गया। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि इस वर्ष डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने तुंगनाथ जी के दर्शन का पुण्य प्राप्त किया।
भगवान तुंगनाथ जी की डोली 7 नवंबर को भनकुन और 8 नवंबर को मक्कूमठ स्थित श्री मर्कटेश्वर मंदिर पहुंचेगी, जहां शीतकालीन पूजा-अर्चना आरंभ होगी।
Reported By: Arun Sharma













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