कांग्रेस के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख पवन खेड़ा के खिलाफ उत्तराखंड सरकार में दर्जा राज्य मंत्री भूपेश उपाध्याय ने कोतवाली बागेश्वर में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। उपाध्याय ने आरोप लगाया कि खेड़ा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ राजनीतिक द्वेष की भावना से कथित तौर पर झूठे और निराधार आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया तथा विभिन्न समाचार माध्यमों के जरिए वीडियो और बयान जारी किए।
भूपेश उपाध्याय ने पुलिस से मांग की कि मामले में जांच कर पवन खेड़ा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों से संबंधित तथ्यों की जांच आवश्यक है।
इसे भी पढ़ें
अपने बयान में उपाध्याय ने पवन खेड़ा पर पूर्व में भी राजनीतिक आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने असम विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और उनकी पत्नी को लेकर लगाए गए आरोपों का भी जिक्र किया और दावा किया कि बाद की जांच में इन आरोपों को गलत पाया गया था। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध स्रोतों से नहीं हो सकी है।
उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार काम कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक कारणों से मुख्यमंत्री और राज्य सरकार को बदनाम करने के प्रयास करने का आरोप लगाया।
उन्होंने हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद भाजपा द्वारा मंच के कथित शुद्धीकरण को लेकर हुए विवाद का भी उल्लेख किया। उपाध्याय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस मुद्दे के जरिए भाजपा को बदनाम करने का प्रयास किया।
पुलिस में दी गई तहरीर के बाद अब मामले में प्राथमिकी दर्ज होती है या नहीं और पुलिस इस संबंध में क्या कार्रवाई करती है, यह आगे की प्रक्रिया में स्पष्ट होगा।











Discussion about this post