
उत्तराखंड में विगत दिनों हुई अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर प्रदेशभर में फसलों को हुए नुकसान की नियमित मॉनिटरिंग करने, प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कराने और क्षति का विस्तृत आकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री ने कहा कि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए अधिकारी गंभीरता और तत्परता से कार्य करें।
कृषि मंत्री ने निर्देश दिए कि कृषि एवं बागवानी फसलों को हुए नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने सर्वे कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने को कहा।
कई जिलों में बागवानी और सब्जियों की फसल प्रभावित
विभागीय आकलन के अनुसार, अतिवृष्टि और ओलावृष्टि से प्रदेश के कई जिलों में बागवानी और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया और लमगड़ा विकासखंड में बागवानी फसलों को 15 से 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। वहीं, चंपावत जिले के चंपावत, पाटी, लोहाघाट और बाराकोट विकासखंडों में 33 प्रतिशत से अधिक क्षति दर्ज की गई है।
नैनीताल जिले के हल्द्वानी, कोटाबाग और रामनगर क्षेत्रों में बागवानी फसलों को करीब 10 प्रतिशत नुकसान होने का आकलन किया गया है। हरिद्वार जिले के बहादराबाद और लक्सर क्षेत्रों में लगभग पांच हेक्टेयर में सब्जियों की फसल प्रभावित हुई है। यहां करीब 30 पेड़ गिरने के साथ तीन पॉलीहाउस भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
देहरादून जिले के रायपुर विकासखंड में फसलों को 10 से 15 प्रतिशत, रुद्रप्रयाग में करीब 20 प्रतिशत और टिहरी गढ़वाल के घनसाली क्षेत्र में लगभग 30 प्रतिशत नुकसान का आकलन किया गया है। इसके अलावा पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार क्षेत्र के अंतर्गत नैनीडांडा और रिखणीखाल विकासखंडों में फसलों को करीब 30 प्रतिशत नुकसान हुआ है।
खरीफ की 8,372.31 हेक्टेयर फसल प्रभावित
खरीफ सीजन 2026 की फसलों पर भी आपदा का असर पड़ा है। विभागीय जानकारी के अनुसार, प्रदेश में कुल 8,372.31 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र आपदा से प्रभावित हुआ है।
ऊधम सिंह नगर जिले के बाजपुर और गदरपुर क्षेत्रों में लगभग 7,730 हेक्टेयर क्षेत्र में धान और गन्ने की फसल प्रभावित हुई है। वहीं, हरिद्वार जिले की बहादराबाद, बादशाहपुर और जमालपुर न्याय पंचायतों में करीब 600 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। इन क्षेत्रों में मुख्य रूप से धान की फसल प्रभावित हुई है।
बीमा कंपनियों को भेजी गई क्षति की रिपोर्ट
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जिन किसानों ने फसल बीमा कराया हुआ है, उनकी क्षति संबंधी रिपोर्ट बीमा कंपनियों को भेज दी गई है। प्रभावित क्षेत्रों में प्रारंभिक सर्वे पूरा कर लिया गया है, जबकि विभागीय कर्मचारियों और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों की ओर से सर्वे की कार्रवाई जारी है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संयुक्त सर्वे को गंभीरता से पूरा किया जाए और नुकसान का सही आकलन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई समय पर की जाए, ताकि किसानों को नुकसान की स्थिति में सहायता मिल सके।
Reported By: Arun sharma












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