प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान और उत्तराखंड सरकार के ‘शिक्षित उत्तराखंड’ के संकल्प को आगे बढ़ाने की मांग के साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उत्तराखंड जनजाति आयोग के निदेशक **संजय टोलिया> को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भाजपा की पूर्व मंडल उपाध्यक्ष श्रीमती बचना शर्मा एवं पूर्व युवा मोर्चा मीडिया प्रभारी ओमप्रकाश ने किया।
ज्ञापन के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल ने लाखामंडल क्षेत्र के आश्रम पद्धति बालिका विद्यालयों एवं प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा बढ़ती छात्र संख्या के अनुरूप सीटें बढ़ाने की मांग की।
इस अवसर पर बचना शर्मा ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि सरकार गरीब, वंचित और जनजातीय समाज के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि लाखामंडल आश्रम पद्धति बालिका विद्यालय सरकार की इसी सोच का उदाहरण है, जहां गरीब परिवारों की बेटियों को निःशुल्क शिक्षा, भोजन और आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी है, जिसके कारण एक-एक शिक्षक को तीन से चार कक्षाओं का दायित्व संभालना पड़ रहा है। इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। यदि रिक्त पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएं तो सरकार का हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का लक्ष्य और अधिक प्रभावी ढंग से पूरा हो सकेगा।
प्रतिनिधिमंडल ने जनजाति आयोग के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, लाखामंडल क्षेत्र के सभी विद्यालयों में एक माह के भीतर रिक्त शिक्षक पदों पर नियुक्ति की जाए। दूसरी, छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों में सीटों की संख्या बढ़ाई जाए। तीसरी, शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कराया जाए।
बचना शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि निदेशक संजय टोलिया इस जनहित के मुद्दे को सरकार के समक्ष प्राथमिकता से रखेंगे, जिससे जनजातीय एवं गरीब परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं मिल सकें और उनका भविष्य अधिक उज्ज्वल बन सके।
Reported By: Arun Sharma












Discussion about this post