
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज ‘अशोक चक्र’ विजेता अमर शहीद हवलदार बहादुर सिंह बोहरा की 18वीं पुण्यतिथि पर बिलासपुर कांडली स्थित उनके आवास पहुंचकर प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनकी वीरता को नमन किया।
इस अवसर पर मंत्री जोशी ने कहा कि शहीदों को कोई भी वापस नहीं ला सकता, लेकिन यह सरकार का दायित्व है कि वह शहीदों और उनके परिजनों के प्रति अपनी गंभीरता और संवेदनशीलता दिखाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहीदों के सम्मान और कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चला रही है।
मंत्री जोशी ने कहा कि देहरादून में बन रहा भव्य सैन्य धाम अब निर्माण की अंतिम चरण में है और शीघ्र ही उसका लोकार्पण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों के कल्याण और उनके सम्मान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
ज्ञात हो कि हवलदार बहादुर सिंह बोहरा भारतीय सेना की 10वीं बटालियन, पैराशूट रेजिमेंट के वीर सैनिक थे और उन्हें देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था। 26 सितम्बर 2008 को जम्मू-कश्मीर के लवंज क्षेत्र में आतंकवादियों से लड़ते हुए उन्होंने असाधारण बहादुरी का प्रदर्शन किया और मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। मंत्री ने अमर शहीद के नाम पर कंडाली में शहीद द्वार का निर्माण करने तथा क्षेत्र की सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखने की घोषणा भी की।
हवलदार बहादुर सिंह बोहरा का जन्म उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के रावलखेत गाँव में हुआ था। वे चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में पत्नी शांति बोहरा और दो बेटियां मानसी व साक्षी हैं।
Reported By: Arun Sharma













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