चारधाम यात्रा को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से ब्रिडकुल के पूर्व महाप्रबंधक आरपी उनियाल ने सरकार के समक्ष एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया है। देहरादून के परेड ग्राउंड स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने गंगोत्री से केदारनाथ तक वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उनका कहना है कि केदारनाथ धाम में हर वर्ष बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मौजूदा मार्गों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए नए मार्गों का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।
आरपी उनियाल ने बताया कि वे पिछले लगभग 20 वर्षों से भटवाड़ी–बुढाकेदार–घुत्तू–पनवाली–त्रियुगीनारायण पैदल मार्ग को मोटर मार्ग में बदलने की मांग उठा रहे हैं। इस संबंध में उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार के समक्ष कई बार प्रस्ताव रखा जा चुका है। वर्ष 2021-22 में इस मार्ग का सर्वेक्षण भी कराया गया था, जबकि 2022 में सीमा सड़क संगठन (BRO) ने भी इस दिशा में सकारात्मक पहल की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
प्रस्तावित परियोजना के तहत घनसाली से घुत्तू के बीच लगभग 31 किलोमीटर सड़क चौड़ीकरण और घुत्तू से गुप्तकाशी के बीच लगभग 12 किलोमीटर लंबी सुरंग निर्माण की योजना शामिल है। यदि यह परियोजना साकार होती है, तो गंगोत्री से केदारनाथ की दूरी करीब 70 किलोमीटर और देहरादून-ऋषिकेश से केदारनाथ की दूरी लगभग 30 किलोमीटर तक कम हो सकती है।
उन्होंने कहा कि यह मार्ग न केवल चारधाम यात्रा को सुगम बनाएगा, बल्कि आपदा प्रबंधन, सीमांत क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों और स्थानीय विकास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
आरपी उनियाल ने बताया कि इस संबंध में उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव को भी पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि जनहित और राज्य के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए।
Reported By: Arun sharma












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