हरिद्वार। मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया में आयोजित गणेश उत्सव में पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की खड़ाऊ इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। खड़ाऊ की सोने जैसी नजर आने वाली डिजाइन को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब इस मामले में हरिद्वार के संत समाज की प्रतिक्रिया भी सामने आई है।
बड़ा अखाड़ा उदासीन के महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने कहा कि यदि किसी साधु-संत को सोने या चांदी से बनी खड़ाऊ दान में मिली है और वह उसका इस्तेमाल कर रहे हैं, तो इसमें आपत्ति जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज में लोग महंगे सोने, चांदी और हीरे के आभूषण पहनते हैं। ऐसे में किसी संत के पास ऐसी वस्तु होने पर लगातार टिप्पणी करना उचित नहीं है।
महामंडलेश्वर ने कहा कि साधु-संतों को लेकर लोगों ने अपने मन में एक अलग तरह की छवि बना रखी है। आमतौर पर यह धारणा है कि संत केवल जंगलों में रहकर कंद-मूल खाकर जीवन बिताते हैं, लेकिन संत परंपरा और उनका जीवन इससे कहीं व्यापक है।
उन्होंने कहा कि किसी संत के पास कोई वस्तु किस परिस्थिति में आई है, यह जाने बिना उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं है। यदि कोई वस्तु संत को श्रद्धालु या भक्त ने दान में दी है और संत उसका उपयोग कर रहे हैं, तो इसे लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा नहीं किया जाना चाहिए।
स्वामी रूपेंद्र प्रकाश महाराज ने समाज से साधु-संतों के प्रति अपनी सोच में बदलाव लाने की अपील की। उन्होंने कहा कि संतों को भी सामान्य मानवीय परिस्थितियों और समाज के व्यापक संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
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Reported By: Praveen Bhardwaj












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