
शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर रुड़की नगर निगम और अस्थायी सफाई कर्मचारियों के बीच एक बार फिर टकराव की स्थिति बन गई है। थर्ड पार्टी व्यवस्था समाप्त करने और कर्मचारियों को नगर निगम के माध्यम से नियमित किए जाने की मांग को लेकर सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया। कर्मचारियों ने कूड़ा वाहनों का संचालन रोकते हुए निगम परिसर में प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
थर्ड पार्टी कंपनी पर उत्पीड़न के आरोप
प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि थर्ड पार्टी कंपनी के माध्यम से काम करने के दौरान उनका लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। कर्मचारियों के मुताबिक, कई बार बिना स्पष्ट कारण नौकरी से हटा दिया जाता है। इसके अलावा वेतन में कटौती की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से इन समस्याओं का सामना करने के बावजूद उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि थर्ड पार्टी व्यवस्था को समाप्त किया जाए और उन्हें नगर निगम के माध्यम से नियमित किया जाए। इसी मांग को लेकर कर्मचारियों ने कूड़ा वाहनों का चक्का जाम कर दिया और निगम परिसर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
छह महीने पहले भी हुई थी हड़ताल
सफाई कर्मचारियों का यह आंदोलन पहली बार नहीं हुआ है। करीब छह महीने पहले भी अपनी मांगों को लेकर कर्मचारियों ने हड़ताल की थी। उस समय भी थर्ड पार्टी व्यवस्था समाप्त करने और नियमितीकरण सहित कई मांगें उठाई गई थीं।
कर्मचारियों के अनुसार, उस दौरान कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा और मेयर अनीता अग्रवाल की ओर से 11 दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, कर्मचारियों का दावा है कि छह महीने बीत जाने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने दोबारा आंदोलन का रास्ता अपना लिया।
हड़ताल लंबी चली तो बढ़ सकती है परेशानी
कूड़ा वाहनों का संचालन रुकने से शहर की सफाई व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका है। यदि हड़ताल लंबी खिंचती है तो विभिन्न इलाकों में कूड़ा जमा होने और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल सफाई कर्मचारियों की मांगों और नगर निगम के रुख को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है। अब देखना होगा कि निगम प्रशासन कर्मचारियों से वार्ता कर इस विवाद का समाधान निकाल पाता है या नहीं।
सफाई कर्मचारी
Reported By: Praveen Bhardwaj













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