उत्तरकाशी दयारा बुग्याल ट्रेक मार्ग पर लापता महिला ट्रेकर की तलाश के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने आपदा स्मार्ट कंट्रोल रूम पहुंचकर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने खोज एवं बचाव अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से अब तक किए गए रेस्क्यू कार्यों, अभियान में लगाए गए संसाधनों, राहत एवं बचाव दलों की तैनाती तथा क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि महिला ट्रेकर की शीघ्र तलाश सुनिश्चित करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए।
डीएम ने अभियान को और मजबूत बनाने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और भारतीय सेना की सहायता लेने के भी निर्देश दिए, ताकि दुर्गम और कठिन पर्वतीय क्षेत्रों में खोज अभियान को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके।
उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम से रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार निगरानी की जाए और अभियान से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि की नियमित रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। साथ ही सभी विभागों और एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा किसी भी संभावित सुराग पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रविवार को आपदा क्यूआरटी, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा प्रतिवादन बल तथा वन विभाग की टीमों द्वारा गोई कैंप से रैथल की ओर विभिन्न दिशाओं में लगभग पांच-पांच किलोमीटर के दायरे में व्यापक सर्च अभियान चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार महिला ट्रेकर की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी है और टीमों को किसी भी संभावित संकेत पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
Reported By: Gopal Nautioyal












Discussion about this post