ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने स्वर्गीय बलबीर पुंज की श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्वामी जी ने कहा कि बलबीर पुंज का जीवन केवल सफलता तक सीमित नहीं था, बल्कि वह प्रसन्नता, समर्पण और मूल्यों से परिपूर्ण एक आदर्श जीवन का उदाहरण था। उन्होंने उन्हें एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में याद किया, जिन्होंने परिवार को प्रेम, एकता और संस्कारों से जोड़े रखा।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय पुंज ने भगवद्गीता के निष्काम कर्म, समता और सेवा के सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारा। उनका शांत स्वभाव, विनम्रता और सभी के प्रति सम्मान उन्हें विशेष बनाता था।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि महान व्यक्तित्व कभी समाप्त नहीं होते, बल्कि अपने विचारों और कर्मों के माध्यम से हमेशा जीवित रहते हैं। बलबीर पुंज का जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, दृढ़ विचारों और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतीक था।
उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और प्रेरणा स्रोत के खोने का गहरा दुःख है।
Reported By: Arun Sharma












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