एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी (MIT-WPU) की आधिकारिक हाइपरलूप टीम वेगापॉड हाइपरलूप ने नीदरलैंड के ग्रोनिंगन स्थित यूरोपियन हाइपरलूप सेंटर में आयोजित यूरोपियन हाइपरलूप वीक (EHW) 2026 में शानदार प्रदर्शन कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। टीम ने दुनिया के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हुए ‘इमर्जिंग इंजीनियरिंग टैलेंट’ पुरस्कार अपने नाम किया।
प्रतियोगिता में टीम वेगापॉड ने वैश्विक स्तर पर 7वां स्थान हासिल किया, जबकि इंजीनियरिंग डिजाइन श्रेणी में टीम छठे स्थान पर रही। इस उपलब्धि से उन्नत परिवहन अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में एमआईटी-डब्ल्यूपीयू की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति भी सामने आई है।
दुनिया की प्रमुख हाइपरलूप प्रतियोगिताओं में शामिल है EHW
यूरोपियन हाइपरलूप वीक हाइपरलूप तकनीक पर केंद्रित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय छात्र इंजीनियरिंग प्रतियोगिताओं में से एक है। इसमें यूरोप, एशिया, उत्तरी अमेरिका और मध्य पूर्व के विभिन्न विश्वविद्यालयों की टीमें हिस्सा लेती हैं।
प्रतिभागी टीमों का मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय उद्योग विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के पैनल द्वारा किया जाता है। इसमें इंजीनियरिंग डिजाइन समीक्षा, सब-सिस्टम सत्यापन, तकनीकी प्रस्तुतियां, सुरक्षा आकलन और प्रोटोटाइप प्रदर्शन जैसे विभिन्न मानकों को शामिल किया जाता है।
ऊर्जा दक्षता और कम लागत पर टीम का फोकस
टीम वेगापॉड ने हाइपरलूप सिस्टम की कार्यक्षमता, लागत और स्थिरता को बेहतर बनाने के लिए कई तकनीकी समाधान विकसित किए हैं। इनमें ऊर्जा-कुशल इलेक्ट्रोमैग्नेटिक थ्रस्ट के लिए विकसित फ्लैट लीनियर मोटर प्रोपल्शन सिस्टम प्रमुख है।
इसके अलावा टीम ने हल्के वजन और कम लागत वाले मॉड्यूलर चेसिस का निर्माण किया है, जिससे संरचनात्मक दक्षता बढ़ाने के साथ निर्माण और रखरखाव को आसान बनाने का प्रयास किया गया है।
टीम ने अपने शोध और तकनीकी नवाचारों के लिए मजबूत बौद्धिक संपदा पोर्टफोलियो भी तैयार किया है। टीम के चार भारतीय पेटेंट प्रकाशित हो चुके हैं, जबकि जर्मनी में एक पेटेंट प्राप्त किया गया है।
11 छात्र इंजीनियरों ने किया भारत का प्रतिनिधित्व
यूरोपियन हाइपरलूप वीक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिनिधिमंडल में 11 छात्र इंजीनियर और दो फैकल्टी सलाहकार शामिल रहे। टीम ने प्रतियोगिता के दौरान दुनियाभर के शोधकर्ताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और नवाचारकर्ताओं के साथ अपने अनुभव साझा किए और सहयोग किया।
टीम की यह सफलता कई वर्षों के शोध, डिजाइन, प्रोटोटाइप निर्माण, परीक्षण और अंतर-विषयक टीमवर्क का परिणाम है।
‘वैश्विक मंच पर भारतीय छात्रों की क्षमता का प्रमाण’
एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राहुल वी. कराड ने टीम की उपलब्धि पर कहा कि यूरोपियन हाइपरलूप वीक में सफलता अनुभवात्मक शिक्षा, अंतर-विषयक शोध और नवाचार आधारित शिक्षा की शक्ति को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय छात्र भविष्य की गतिशीलता से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए उन्नत तकनीक विकसित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि तकनीकी प्रगति, सतत विकास और भारत के बढ़ते नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र में योगदान देने वाले इंजीनियर तैयार करने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।
टीम वेगापॉड की इस उपलब्धि ने उन्नत गतिशीलता अनुसंधान के क्षेत्र में एमआईटी-डब्ल्यूपीयू की पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक मंच पर भारतीय इंजीनियरिंग छात्रों की बढ़ती क्षमता को भी प्रदर्शित किया है।
Reported By: Arun sharma














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