कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सर्वे चौक स्थित आईआरडीटी ऑडिटोरियम में आयोजित उत्तराखंड सहकारिता शिखर सम्मेलन-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस दौरान कृषि और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के साथ किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों की आय बढ़ाने पर चर्चा हुई।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सहकारिता केवल आर्थिक व्यवस्था नहीं, बल्कि सेवा, स्वावलंबन और ग्रामीण विकास का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा और मजबूती मिली है। राज्य सरकार भी सहकारिता के माध्यम से किसानों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
मंडुवा खरीद से किसानों और महिला समूहों को लाभ
कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए सहकारिता को मजबूत करने के साथ मिलेट मिशन (श्रीअन्न) को भी प्राथमिकता दी जा रही है। सहकारिता एवं कृषि विभाग के माध्यम से किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को जोड़कर मंडुवा की खरीद की जा रही है। मंडुवा के संग्रहण कार्य में सहयोग के लिए महिलाओं को प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और महिला स्वयं सहायता समूहों की आय में भी वृद्धि हो रही है।
जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हित में कई योजनाएं संचालित कर रही है। उर्वरकों की खपत कम करने के उद्देश्य से राज्य में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इसके साथ ही मिलेट्स, ड्रैगन फ्रूट, कीवी और सुगंधित पौधों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है।
ब्याजमुक्त ऋण और आधुनिक कृषि पर फोकस
कृषि मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के किसान नई तकनीकों को अपनाकर कृषि क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। सरकार किसानों को ब्याजमुक्त ऋण, फार्म मशीनरी बैंक के माध्यम से कृषि यंत्र, बागवानी, पॉलीहाउस और आधुनिक कृषि तकनीक उपलब्ध कराने के साथ मुफ्त सिंचाई सुविधा और गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पहाड़ के किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के साथ कृषि को रोजगार और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनाना है। सहकारिता के जरिए किसानों और महिला समूहों को बाजार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को और मजबूत किया जा सकता है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भी आयोजित हों सहकारिता सम्मेलन
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आयोजकों से आग्रह किया कि भविष्य में इस तरह के सहकारिता और कृषि आधारित आयोजन पर्वतीय क्षेत्रों में भी आयोजित किए जाएं। इससे पहाड़ के अधिक से अधिक किसान, महिला स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण उद्यमी इन कार्यक्रमों से जुड़कर योजनाओं और बाजार की संभावनाओं का लाभ उठा सकेंगे।
Reported By: Arun sharma













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