
विश्व ब्लड कैंसर दिवस से पहले स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत में ब्लड कैंसर के मरीजों को आज भी जीवनरक्षक स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के लिए समय पर मैचिंग डोनर ढूंढने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार डोनर्स की कमी, बीमारी का देर से पता चलना और सीमित डोनर रजिस्ट्री के कारण मरीजों का बहुमूल्य इलाज समय प्रभावित हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लड कैंसर के कई मामलों में स्टेम सेल ट्रांसप्लांट ही मरीजों के लिए जीवन बचाने का अंतिम विकल्प होता है। भारत में हर साल एक लाख से अधिक नए ब्लड कैंसर मरीज सामने आते हैं, जबकि 70 हजार से ज्यादा लोगों की इस बीमारी से मौत हो जाती है।
जानकारी के अनुसार ट्रांसप्लांट की आवश्यकता वाले लगभग 70 प्रतिशत मरीज ऐसे डोनर्स पर निर्भर होते हैं जिनसे उनका कोई पारिवारिक संबंध नहीं होता। इसके बावजूद देश की कुल आबादी में केवल 0.09 प्रतिशत लोगों ने ही स्टेम सेल डोनर के रूप में पंजीकरण कराया है।
Medanta The Medicity की हीमेटो ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ डॉ. ईशा कौल ने कहा कि ब्लड कैंसर तेजी से फैलने वाली बीमारी है और कई मामलों में स्टेम सेल ट्रांसप्लांट ही मरीज की जान बचाने का सबसे प्रभावी तरीका होता है। उन्होंने कहा कि समय पर सही डोनर न मिलने से इलाज के परिणाम प्रभावित होते हैं और मरीज की जीवन बचने की संभावना कम हो जाती है।
विशेषज्ञों ने बताया कि आधुनिक ट्रांसप्लांट तकनीकों, बेहतर डोनर मैचिंग, कंडीशनिंग थेरेपी और सहायक चिकित्सा सुविधाओं के कारण भारत के बड़े अस्पतालों में मरीजों के ठीक होने की संभावना पहले की तुलना में काफी बेहतर हुई है।
DKMS Foundation India के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन पैट्रिक पॉल ने कहा कि भारत में स्टेम सेल डोनर्स की संख्या बेहद कम है, जबकि जरूरतमंद मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने युवाओं, शिक्षण संस्थानों, कॉर्पोरेट कंपनियों और समाज के सभी वर्गों से अधिक से अधिक डोनर रजिस्ट्रेशन अभियान में भाग लेने की अपील की।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि ग्रामीण और छोटे शहरों में ब्लड स्टेम सेल डोनेशन को लेकर जागरूकता अभी भी बहुत कम है। इसके अलावा कई लोग इस प्रक्रिया को लेकर गलतफहमियों का शिकार हैं। डॉक्टरों के अनुसार अधिकांश मामलों में स्टेम सेल डोनेशन सामान्य रक्तदान की तरह ही सुरक्षित और सरल प्रक्रिया होती है।
डीकेएमएस फाउंडेशन इंडिया ने बताया कि वर्ष 2019 से अब तक संस्था ने 2.8 लाख से अधिक संभावित स्टेम सेल डोनर्स का पंजीकरण किया है तथा 250 से अधिक मरीजों को ट्रांसप्लांट सहायता उपलब्ध कराई है।
विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे स्टेम सेल डोनर के रूप में आगे आएं, ताकि ब्लड कैंसर से जूझ रहे मरीजों को समय पर जीवनरक्षक उपचार मिल सके।
Reported By: Arun Sharma















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