देहरादून: उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के तहत काम करने वाले ठेकेदारों का सब्र अब जवाब देने लगा है। पिछले ढाई वर्षों से रुके हुए भुगतान को लेकर ‘देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन’ के बैनर तले ठेकेदारों ने अब आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। इसी सिलसिले में एसोसिएशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय में पेयजल सचिव रणवीर सिंह चौहान से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
इसके बाद उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विभाग और सरकार के खिलाफ अपना तीखा आक्रोश व्यक्त किया।
एमओयू के बावजूद भुगतान अटका, ठेकेदारों ने लगाए गंभीर आरोप
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में दिन-रात काम करने वाले ठेकेदारों को पिछले ढाई साल से अपनी ही गाढ़ी कमाई के लिए तरसना पड़ रहा है। ठेकेदारों ने विभाग और अपनी मांगों को लेकर निम्नलिखित मुख्य बातें सामने रखीं:
अधिकारियों पर टालमटोल का आरोप: विभागीय अधिकारियों द्वारा हर बार कोई न कोई नया और अलग कारण बताकर ठेकेदारों का न्यायसंगत भुगतान लगातार टाला जा रहा है।
MOU के बाद भी लापरवाही: केंद्र और राज्य सरकार के बीच इस योजना को लेकर बाकायदा एमओयू (MOUs) हो चुका है, इसके बावजूद अब तक बजट और भुगतान जारी नहीं किया गया।
काम ठप करने की चेतावनी: एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सचिन मित्तल ने साफ चेतावनी दी है कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर लंबित धनराशि आवंटित नहीं की गई, तो जल जीवन मिशन की तमाम योजनाएं ठप कर दी जाएंगी।
आंदोलन का रास्ता: भुगतान न होने की स्थिति में प्रदेशभर के ठेकेदार सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
प्रेस वार्ता में ये रहे मौजूद
ठेकेदारों का कहना है कि भुगतान न होने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और वे आगे का काम करने की स्थिति में नहीं हैं। इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता के दौरान संगठन को मजबूती देने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए सुनील गुप्ता, संदीप मित्तल और गौरव गोयल सहित एसोसिएशन के कई अन्य प्रमुख सदस्य और ठेकेदार मुख्य रूप से मौजूद रहे।
Reported BY: Shiv Narayan













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