देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में अब अवैध और बिना मानकों वाली हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) बेचना ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों को भारी पड़ने वाला है। परिवहन विभाग ने फर्जी नंबर प्लेटों के ऑनलाइन कारोबार पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है। आरटीओ (RTO) प्रशासन संदीप सैनी ने देश की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनियों Amazon और Flipkart को एक सख्त नोटिस जारी किया है।
आरटीओ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेची जा रही फर्जी नंबर प्लेटों को तुरंत रोका जाए, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन और फर्जी नंबर प्लेटों का खेल
आरटीओ प्रशासन संदीप सैनी ने मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का हवाला देते हुए इस कार्रवाई के पीछे की मुख्य वजहों और दिशा-निर्देशों को स्पष्ट किया है:
-
केवल अधिकृत वेंडर ही मान्य: मोटर व्हीकल एक्ट के तहत वाहनों पर केवल सरकार द्वारा अधिकृत HSRP ही लगाई जा सकती है। 2019 के बाद के वाहनों के लिए संबंधित ऑटोमोबाइल डीलर्स और उससे पुराने वाहनों के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिकृत वेंडर ही नंबर प्लेट बनाने के लिए पात्र हैं।
-
बिना लेजर कोड के बिक रही प्लेट्स: आरटीओ के संज्ञान में आया है कि अमेज़न और फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे कई अवैध वेंडर सक्रिय हैं, जो सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर फर्जी प्लेट्स बेच रहे हैं।
-
सुरक्षा फीचर्स गायब: ऑनलाइन बिक रही इन अवैध नंबर प्लेटों में न तो अनिवार्य ‘IND’ स्टीकर है और न ही सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला विशिष्ट लेजर कोड, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मामला है।
-
डी-बार करने के निर्देश: परिवहन विभाग ने इन दोनों बड़ी ऑनलाइन कंपनियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर ऐसे फर्जी नंबर प्लेट बेचने वाले सभी अवैध वेंडर्स को तुरंत ब्लॉक और डी-बार (De-bar) करें।
परिवहन विभाग के इस कदम से साफ है कि फर्जी नंबर प्लेट के जरिए वाहनों की पहचान छिपाने या सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले तत्वों पर नकेल कसी जाएगी। आरटीओ प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन शॉर्टकट के चक्कर में न पड़ें और केवल सरकार द्वारा तय किए गए आधिकारिक माध्यमों और वेंडर्स से ही अपनी हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगवाएं, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई या चालान से बचा जा सके।
Reported By: Rajesh Kumar












Discussion about this post