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जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने 31 मई 2026 को देश के तीसरे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) और सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने अपने पूर्ववर्तियों के योगदान को नमन करते हुए उनकी उपलब्धियों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।
जनरल सुब्रमणि ने कहा कि देश द्वारा रक्षा बलों पर जताए गए विश्वास के लिए वे आभारी हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सभी हितधारकों के साथ मिलकर कार्य करेंगे। उन्होंने रक्षा बलों में संयुक्तता, एकीकरण और बेहतर तालमेल को प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए स्वदेशी हथियार प्रणालियों के विकास, समावेशन और त्वरित उपयोग पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने रक्षा क्षमताओं के विकास और सैन्य आधुनिकीकरण को गति देने के लिए नवाचार और आपसी सहयोग को आवश्यक बताया। सीडीएस ने सशस्त्र बलों के जवानों की पेशेवर दक्षता और परिचालन तत्परता की सराहना करते हुए उनके प्रशिक्षण, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यभार ग्रहण करने के बाद जनरल सुब्रमणि ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद साउथ ब्लॉक परिसर में उन्हें त्रि-सेवा गार्ड ऑफ ऑनर भी प्रदान किया गया।
चार दशक से अधिक लंबे सैन्य करियर वाले जनरल सुब्रमणि दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त हुए थे। उन्होंने द्वितीय कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, केंद्रीय कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ तथा सेना के उप प्रमुख सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। सीडीएस का पद संभालने से पहले वे राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे।
जनरल सुब्रमणि की नियुक्ति को भारतीय सशस्त्र बलों में एकीकरण, आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।












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