
गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय परिसर में ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों एवं सचिवालय के अधिकारियों-कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 26 जनवरी केवल एक तिथि नहीं, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का गौरवशाली प्रतीक है, जब देश ने अपना संविधान अंगीकार कर संवैधानिक स्वराज की स्थापना की।
मुख्य सचिव ने कहा कि संविधान केवल कानूनों का संकलन नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है, जो हमें अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी बोध कराता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को जनता का सेवक बताते हुए प्रशासन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही को आचरण में उतारने का आह्वान किया।
उत्तराखंड के रजत जयंती के बाद के नवोन्मेषी दौर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सचिवालय राज्य की नीति की धड़कन है और यहीं से शासन का संदेश अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साझा संकल्प बताते हुए उन्होंने तकनीक, अनुशासन और नैतिक आचरण को सुशासन की पहचान बनाने की अपील की। कार्यक्रम का समापन संविधान की मर्यादा बनाए रखने और उत्तराखंड को आदर्श राज्य बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
Reported By: Praveen Bhardwaj













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