सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुनस्यारी में शुक्रवार को आयोजित स्वास्थ्य शिविर में अल्ट्रासाउंड सुविधा को लेकर अव्यवस्था सामने आई। आरोप है कि कई गंभीर मरीजों को करीब दस घंटे तक इंतजार कराने के बाद बिना अल्ट्रासाउंड किए वापस लौटा दिया गया, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली।
जानकारी के अनुसार, शिविर में गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया गया, जबकि अन्य गंभीर रोगियों का परीक्षण नहीं किया गया। इससे दूर-दराज के गांवों से पैदल चलकर पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
मामले को लेकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत सिंह मर्तोलिया ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में गंभीर मरीजों के लिए भी अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन अब इस व्यवस्था को समाप्त किया जा रहा है, जिससे सीमांत क्षेत्र के मरीजों के साथ अन्याय हो रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि अगले माह तक व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वह जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में भूख हड़ताल करेंगे। मर्तोलिया ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पिथौरागढ़ से भी इस संबंध में शिकायत करते हुए मुनस्यारी में दोबारा अल्ट्रासाउंड शिविर आयोजित करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में मुनस्यारी से पिथौरागढ़ तक लगभग 350 किलोमीटर की यात्रा करना गंभीर मरीजों के लिए जोखिम भरा है। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए उन्हें दो दिन का समय और अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ेगा।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि स्वास्थ्य शिविर में अल्ट्रासाउंड सुविधा मिलने की जानकारी पर भरोसा कर मरीज दूरस्थ क्षेत्रों से पहुंचे थे, लेकिन अंत में जांच से इनकार करना उनके साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की व्यवस्था और मनमानी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नोट: समाचार में अल्ट्रासाउंड सुविधा को लेकर लगाए गए आरोप पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगत सिंह मर्तोलिया और प्रभावित मरीजों के दावों पर आधारित हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।
Reported By: Arun sharma













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