सेव हिमालय मूवमेंट ट्रस्ट के तत्वाधान में प्रख्यात कथाकार विद्यासागर नौटियाल की स्मृति में एक सम्मान समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. प्रीतम भरतवाण ने कहा कि नौटियाल सदैव अंतिम व्यक्ति की आवाज रहे और उनका साहित्य आज भी समाज को दिशा देता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ जनकवि बल्ली सिंह चीमा ने कहा कि नौटियाल ने जातिवाद और छुआछूत जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ कलम चलाई और उनकी आवाज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँची। वरिष्ठ पत्रकार राजीव नयन बहुगुणा ने उनके साहित्य को अंधविश्वास विरोध और समरसता का प्रतीक बताया।
इस अवसर पर विद्यासागर नौटियाल की बेटी अंतरिक्ष ने संस्मरण साझा किए, वहीं राज्य आंदोलनकारी अनिल स्वामी ने नौटियाल की सकारात्मक साहित्यिक व राजनीतिक भूमिका को रेखांकित किया। समारोह में प्रभात ध्यानी को विद्यासागर सम्मान 2025 से नवाजा गया। सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनका नहीं, बल्कि संघर्षरत साथियों का सम्मान है।
कार्यक्रम में आंदोलनकारी व पत्रकारों ने गीतों के माध्यम से वर्तमान व्यवस्थाओं पर व्यंग्य किया और विद्यासागर नौटियाल की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
Reported By: Arun Sharma














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