
देहरादून/विकासनगर: राजधानी देहरादून में भू-माफियाओं और फर्जीवाड़े में लिप्त अपराधियों के खिलाफ दून पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। कोतवाली विकासनगर क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूमि धोखाधड़ी करने के मामले में पिछले दो वर्षों से लगातार फरार चल रहे एक शातिर अभियुक्त को पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से दबोचने में बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में ‘नेट ग्रिड’ (NATGRID) तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
क्या था पूरा मामला?
वादी अरुण कुमार (निवासी फरीदाबाद, हरियाणा) ने 28 जून 2024 को कोतवाली विकासनगर में तहरीर दी थी कि कुछ लोगों ने मिलकर उनका फर्जी आधार कार्ड बनवाया और उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा करके विकासनगर स्थित उनकी भूमि का एक फर्जी मुख्तारनामा (Power of Attorney) तैयार करवा लिया। इसके बाद इस फर्जी मुख्तारनामे के जरिए उस जमीन को किसी अन्य के नाम पर बेच दिया गया।
इस शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर साक्ष्य संकलन के बाद 26 फरवरी 2026 को नामजद आरोपियों के खिलाफ माननीय न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया था।
‘नेट ग्रिड’ पोर्टल से खुला राज, सहारनपुर से दबोचा गया आरोपी
मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही मुख्य साजिश में शामिल और वादी के फर्जी रूप में खड़ा होने वाला अभियुक्त लंबे समय से फरार चल रहा था। उसकी सही पहचान और ठिकाने का पता लगाने के लिए पुलिस ने अभियुक्त के फर्जी आधार कार्ड में इस्तेमाल किए गए फोटो को ‘नेट ग्रिड’ पोर्टल पर अपलोड किया।
नेट ग्रिड के माध्यम से मिली सटीक तकनीकी जानकारी और इसके बाद की गई तस्दीक से आरोपी की असली पहचान उदित कुमार वर्मा पुत्र सुरेंद्र कुमार वर्मा (निवासी मंडी, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। पुख्ता सुराग मिलने पर विकासनगर पुलिस की एक टीम ने तुरंत सहारनपुर के मंडी क्षेत्र में दबिश दी और 13 अक्टूबर 2026 को अभियुक्त उदित कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में हुआ चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पहले सुनार का काम करता था और चांदी का सामान बेचने के सिलसिले में अक्सर विकासनगर, सहसपुर और सेलाकुई क्षेत्र में आता-जाता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात गुरुबचन सिंह उर्फ बब्बू सरदार से हुई थी।
गुरूबचन सिंह ने उसे हरबर्टपुर स्थित हरियाणा के एक व्यक्ति की जमीन के बारे में जानकारी दी और उसे उस जमीन का फर्जी मालिक बनकर मुख्तारनामा तैयार करवाने का लालच दिया। इसके बाद अभियुक्तों ने मिलकर असली मालिक अरुण कुमार के नाम का फर्जी आधार कार्ड तैयार किया, जिसमें असली मालिक के स्थान पर उदित कुमार की फोटो लगाई गई।
वर्ष 2022 में इस फर्जी मुख्तारनामे के आधार पर आरोपी गुरुबचन ने उस जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली और दाखिल-खारिज भी करा लिया। जब आरोपी ने जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया, तब फरीदाबाद निवासी असली मालिक अरुण कुमार अग्रवाल को इस बड़े फर्जीवाड़े की भनक लगी और उन्होंने पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया।
गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण:
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नाम: उदित कुमार वर्मा (पुत्र सुरेंद्र कुमार वर्मा)
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निवासी: धोबी घाट, तोता चौक, सिवेन्द्र विहार कॉलोनी, थाना मंडी, जनपद सहारनपुर (उत्तर प्रदेश)
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आयु: 33 वर्ष
सराहनीय पुलिस टीम:
इस शातिर अपराधी को पकड़ने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक शिशुपाल सिंह राणा (कोतवाली विकासनगर) और हेड कांस्टेबल सतीश कुमार शामिल रहे।















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